Friday, May 15, 2020
सार्थक प्रयाश
जय श्री गणेश
माया ने आत्मा को शरीर का चोला दिया है
यहाँ आत्मा इन्द्रियों के वशीभूत रहती है
और इन्द्रिया बहिर्मुखी होने के कारण जीव को संसारी बना देती है
जहा सत्य एक छाया के रूप में आत्मा को भरमाता है
पर चेतन अवस्था में आत्मा बाहिरी द्वार बंद कर
भीतिरि द्वार खोज सकती है
यहाँ मात्र आत्म चिंतन जीवात्मा का सहायक होता है
सार्थक प्रयाश सत्य के प्रकाश तक बहुचने में सहायक होते है
परमात्मा सभी पर कृपा करे
कृपया धन्यवाद