Wednesday, May 13, 2020
सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड मानव देह में समाहित है
जय श्री गणेश
मानव जीवन ही गरिमा अहम् है,
यह देवताओ के लिए भी दुर्लभ है
सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड मानव देह में समाहित है
दिव्य लोक इस मानव देह में स्थापित है
अलौकिक मंदिर व् उसके देवता इस देह में सदैव उपस्तिथ रहते है
आकाशीय सत्य व् दिव्य प्रकाश से अलौकिक है यह मानव देह
पर माया की परछाई से ग्रसित जीवात्मा इस सत्य से दूर स्वयं की खोज के लिए लालहित रहती है
इस खोज में निज सत्य को खो देने का खतरा बना रहता है
मानव हेतु चेतना परम विषय है
इसी चेतन स्वरुप में जीवन के सत्य को पा सकती है
परमात्मा सभी पर कृपा करे
कृपया धन्यवाद