Monday, May 11, 2020
आत्मन चिंतन
जय श्री गणेश
जीवन में आत्मन चिंतन की अपनी गरिमा है
यह सत्य पर आधारित व् आश्रित होती है
व्यर्थ की चिंताए मन की स्थिति को विकृत कर सकती है
पर आत्मन चिंतन मन को स्थिर गति प्रदान करता है
यधपि मन की स्थिरता ही आत्मन चिंतन में सहायी होती है
इसी मार्ग में जीव तत्व भेद की अनुभूति प्राप्त करता है
श्रम, संयम, विवेक व् प्रेम यहाँ मील के पत्थर सामान प्रगट होते है
परमात्मा सभी पर कृपा करे
कृपया धन्यवाद