Sat Guru

Sat Guru
Bhagwan Shiv

Wednesday, May 13, 2020

जीव का परम धर्म

जय श्री गणेश 
कर्म जीव का परम धर्म है 
कर्म की सीमा रहित है 
अनंत है इसकी परिभाषा 
कर्म में सत्य का समावेश भक्ति का रूप है 
भक्ति ही दिव्य ज्ञान की जननी है 
परम ज्ञान जीव हेतु मुक्ति का सुगम साधन है  
इस सत्य को मानव जितना जल्दी समझे उतना ही अच्छा 
भगवान सभी पर कृपा करे 
कृपया धन्यवाद