Sat Guru

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Bhagwan Shiv

Thursday, March 11, 2021

शिव रात्रि

 शिव रात्रि

भगवान् शिव का अदि व् अंत किसी को भी ज्ञात नहीं पर जब एक समय ब्रह्मा व् विष्णु में अन्यथा विवाद हुआ तब प्रभु अग्नि स्तब्ध के रूप में प्रगट हुए तब दोनों का वेग शांत हुआ ब्रह्मा जी आकाश की ओर व् विष्णु जी पातळ की ओर गए किसी को भी अदि व् अंत ना मिला पर ब्रह्मा जी मिद्या को प्राप्त हुए पर विष्णु जी सत्य को मान दिया  तब शिव साक्षात् रूप में प्रगट हुए और निज स्वरुप को प्रगट किया वह दिन शिव रात्रि के रूप में प्रसिद्द हुआ शिव रात्रि की महिमा अपरम्पार है यह एक परिपूर्ण भक्ति सरोवर है जहा अमृत का वास है