Monday, June 8, 2020
ब्रह्माण्ड की प्रतिमूर्ति
जय श्री गणेश
मनुष्य का शरीर ही ब्रह्माण्ड की प्रतिमूर्ति है
इस देह में ही एक दिव्य सत लोक है
जहा ब्रह्माण्ड का परिपूर्ण सत्य निहित है
इस देह में सप्तद्धीप का विस्तार है
इस देह में सप्त गृह की दिव्य संज्ञा है
इस देह में समस्त भूत निहित है
इस देह में मुक्ति व् बंधन के परिपूर्ण साधन है
परमात्मा से मिलन हेतु यह एक दिव्य सेतु है
मानव को इस तत्व को समझना होगा सूर्यास्त से पहले,
परमात्मा सभी पर कृपा करे
कृपया धन्यवाद